पटना NEET छात्रा मौत केस: "पुलिस बोली नींद की गोली से मौत, फिर शरीर पर चोट कैसे?"
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही 17 वर्षीय नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
“कभी कहा गया कि मेरी बेटी ने जहर खा लिया, कभी कहा गया कि नींद की दवा खाई है, तो कभी इसे आत्महत्या बताया गया. अगर मेरी बेटी तनाव से मरी, तो उसके शरीर पर खरोंच के निशान कैसे आए?”
यह कहते हुए पटना के हॉस्टल में हुई संदिग्ध मौत के मामले में पीड़िता की मां रो पड़ती हैं.
दरअसल, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही 17 वर्षीय नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने बिहार में सियासी और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है. जहानाबाद की रहने वाली छात्रा 5 जनवरी को हॉस्टल लौटी थी. अगले दिन वह कमरे में बेहोश मिली. उसे पहले प्रभात मेमोरियल अस्पताल और बाद में एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 10 जनवरी को उसकी मौत हो गई.
परिवार का कहना है कि कुछ न कुछ गलत जरूर हुआ है. इंसाफ की तलाश में परिवार बिहार से दिल्ली आया. दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और अपनी आवाज सरकार व न्यायालय तक पहुंचाने की कोशिश की. द क्विंट ने पीड़ित परिवार से बात कर यह समझने की कोशिश की कि आखिर पूरा मामला क्या है?
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