रोज का डोज | "बादशाहों को सिखाया है कलंदर होना, आप आसान समझते हैं मुनव्वर होना"
उर्दू शायर मुनव्वर राना उर्दू मुशायरों के मंच का एक जरूरी हिस्सा थे
खास खबर
"बादशाहों को सिखाया है कलंदर होना, आप आसान समझते हैं मुनव्वर होना"
मुनव्वर राना...एक ऐसे शायर जिनको उर्दू अदब में दिलचस्पी रखने वाली दुनिया ने अपनी पलकों पर बैठाकर सुना. उनका नाम उर्दू अदब के फलक पर ध्रुव तारे की तरह हमेशा चमकेगा लेकिन उन्होंने सामईन के सामने अपने एक शेर के जरिए ये भी कहा था कि "मैं अपने फैले हुए आडंबर को खुद समेट भी सकता हूं."
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