पहलगाम हमले का बदला कश्मीरी, मुसलमान और सवाल पूछने वालों से?
सोशल मीडिया पर मुसलमानों और कश्मीरियों के खिलाफ कैंपेन भी चलाया जा रहा है.
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश को एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ उठ खड़ा होना था, लेकिन हमले के 24 घंटे के अंदर यूट्यूब की दीवार पर भड़काऊ गाने लिखे जाने लगे. सोशल मीडिया नाम के चौक-चौराहे पर बैठे लोग अपनी खुराक ढूंढ़ने लगे. कोई कश्मीर के लोगों को 24 घंटे में उत्तराखंड छोड़ देने का अल्टीमेटम देने लगा, तो किसी डॉक्टर पर धर्म के आधार पर मुस्लिम मरीज का इलाज न करने का आरोप लगा. बीते दिनों ऐसे कई मामले सामने आए हैं:
कश्मीरी छात्रों को देहरादून छोड़ने की धमकी
मसूरी में 2 कश्मीरी शॉल बेचने वाले पर हमला
अंबाला में मुस्लिम समुदाय के दुकानों में तोड़फोड़
हरियाणा में एक मुस्लिम व्यक्ति से मारपीट और गांव छोड़ने के लिए कहना
दूसरी तरफ पहलगाम हमले को लेकर सवाल उठाने वालों पर भी FIR की खबरें आईं. सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर भोजपुरी सिंगर नेहा सिंह राठौड़ के खिलाफ FIR दर्ज हुई है.
इस लिस्ट में लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर का नाम भी जुड़ा है. डॉ. मेडुसा के नाम से मशहूर डॉ. माद्री काकोटी पर भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को कमजोर करने का आरोप लगाया गया है.
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आगरा मर्डर: 3 आरोपी अरेस्ट, पुलिस बोली-पहलगाम कनेक्शन नहीं, परिवार ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के आगरा में हुए गुलफान हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं एक अन्य मुख्य आरोपी फरार है. बता दें कि 23 अप्रैल की रात को ताजगंज इलाके में स्थित बिरयानी दुकान में काम करने वाले 27 वर्षीय गुलफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उसका फुफेरा भाई सैफ हमले में घायल हुआ था. जानिए, इस पूरे मामले में परिवार के लोगों और पुलिस ने क्या कहा?
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पहलगाम हमले के लिए 'RSS का आतकियों को हथियार बांटने' का यह दावा गलत है
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें सेना के दो जवान एक व्यक्ति को पकड़े हुए हैं. इस तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि हाल ही में कश्मीर में पकड़े गए एक आतंकवादी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने उन्हें हथियार मुहैया कराए हैं. इस तस्वीर की हकीकत जानने के लिए यहां क्लिक करें.
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