भारत को ऑपरेशन सिंदूर क्यों करना पड़ा?
जंग से पाकिस्तान को कितना नुकसान?
अंग्रेजी में एक मुहावरा है- 'Cut your coat according to your cloth'. मतलब- 'जितनी चादर हो उतना पैर फैलाना चाहिए'. ये बात पाकिस्तान में पनप रहे आतंकी, आर्मी और पाकिस्तानी सरकार समझ नहीं सकी. बदले में क्या मिला. सिर्फ 25 मिनट और 9 आतंकी ठिकाने स्वाहा.
पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें निस्तेनाबूद कर दिया. भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 4 और PoJK में 5 आतंकी कैंपों पर कार्रवाई की है.
मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर: जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था. बॉर्डर से दूरी 100 किलोमीटर.
सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद: यह कैंप LoC से 30 किलोमीटर दूर था. यह लश्कर-ए-तैयबा का ट्रेनिंग सेंटर था.
गुलपुर कैंप, कोटली: यह लश्कर-ए-तैयबा का बेस था, जो राजौरी और पुंछ में सक्रिय था.
भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कहा, "...हर रोज इत्तिला मिलती थी कि भारत के हवाई जहाज आ रहे हैं. वो पाकिस्तान पर हमलावर होंगे. लेकिन अल्लाहताला की दुआ से हमारी फौजें 24 घंटे तैयार थीं कि कब उनके जहाज उड़ें और हम उन्हें ‘समंदर में फेंक दें."
अब कोई पाकिस्तान के पीएम को उनके ही देश का नक्शा दिखाए और बताए कि समुंदर तो पीओके से लेकर लाहौर या इस्लामाबाद में नहीं है, हां कराची के पास है, तो क्या उन्हें डर था कि भारत की फौज कराची तक पहुंच जाएगी?
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