रोज का डोज | पुणे पोर्श केस, हमारी न्याय व्यवस्था के कानूनी ढांचे की खामियों को सामने लाता है
साल 2021 के मुकाबले 2022 में सड़क हादसों की संख्या में 11.9 फीसद की बढ़ोतरी हुई है.
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पुणे पोर्स केस, हमारी न्याय व्यवस्था के कानूनी ढांचे की खामियों को सामने लाता है
भारत में हर रोज तीन में से एक खबर सड़क हादसों और इन हादसों से होने वाली मौतों को लेकर होती है. अगर हम साल 2022 के आंकड़ों को देखें, तो एक सरकारी रिपोर्ट बताती है कि साल 2022 के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 4,61,312 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 1,68,491 लोगों की जान चली गई और 4,43,366 लोग जख्मी हो गए.
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